Tag: मुनि श्री योग सागर जी
ज्ञान
February 17, 2010
हम सब अपने ज्ञान का अनादर करते हैं। जैसे हम सब जानते हैं कि झूठ बोलना पाप है, फिर भी बोलते हैं। मुनि श्री योगसागर
साधुता
February 14, 2010
कभी घी घना, कभी मुट्ठी भर चना और कभी वह भी मना । मुनि श्री योगसागर जी
साधु
January 2, 2010
कम खाना, कम सोचना, कम दुनिया से प्रीति। कम कहना मुख से वचन, यही साधू की रीति।। मुनि श्री योगसागर जी
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