परोपकार
हमारे कमरे के दरवाजे, दूसरों के कमरे में भी खुलते हैं ।
(हम अकेले भी हैं, भीड़ में भी हैं, भीड़ में रहकर अकेले रहने की कोशिश करें ।)
हमारे कमरे के दरवाजे, दूसरों के कमरे में भी खुलते हैं ।
(हम अकेले भी हैं, भीड़ में भी हैं, भीड़ में रहकर अकेले रहने की कोशिश करें ।)
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R B GARG said,
July 22, 2010 @ 2:51 am
AASHIRWAD inspiring