डायरी

गुरू वचन

गुरू वचन स्वाति-नक्षत्र की बूदें हैं,
यदि हृदयांगम कर लीं, तो मोती बन जायेंगी ।

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गुरू

गुरू कुतुबनुमा है,
हमें दिशा दिखाता है ।

श्री गणेश वर्णी जी

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कर्म क्षय

भगवान की भक्ति से कर्म कटते हैं,
भगवान खुद कर्म नहीं काटते ।

श्री लालमणी भाई

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जीवन

गुलाब से पूंछा – जब तुमको ड़ाली से तोड़ते हैं, तो तकलीफ नहीं होती ?

गुलाब – होती है, पर जब याद आता है कि मैं किसी की मुस्कान का कारण बनुंगा, तब तकलीफ समाप्त हो जाती है ।

(श्री मिहुल)

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रक्षा बंधन

1. सीमा बहन का भाई के लिये पत्र -
“………. इस राखी का अर्थ धर्म रक्षा से है, ऐसे ही आप धर्म से सबकी रक्षा करते रहना ……….”

2. सिद्धांत बेटे की इन्दौर में बहन नहीं थी, सो वह आश्रम गये और ब्र. बहनों से राखी बंधवा के रक्षाबंधन मनाया ।

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अभिमान

फुटबाल जब शान, शौकत और शौहरत की हवा से फूल जाती है,
तब सब उसको ठोकर मारने लग जाते है ।

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Pray

“Pray as if everything depends on GOD & WORK as if everything depends on You”

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चारित्र

वह क्रिया जो कर्मबंध को रोकने में कारण हो ।

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Pray

“To handle yourself use your head & to handle others use your Heart.”

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छल

भले ही हम दूसरों को छल लें,
पर छाले तो हमारी आत्मा पर ही पड़ेंगे ।

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