मदद

किसी कि मदद करते वक़्त उसके चेहरे की तरफ मत देखो…
क्योंकि उसकी झुकी हुई आंखें तुम्हारे दिल में गुरुर पैदा ना कर दें ।

(रूचि)

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दान

श्री आतिफ़, आशीषमणी के मित्र Canada में कार्यरत हैं, मुझ से मिलने बस से आ रहे थे जबकि घर में गाड़ीयां थीं ।
पूछने पर बताया – जब मैं अकेला चलता हूं, तब कार का प्रयोग नहीं करता हूँ और उससे जो बचत होती है वो पैसा मैं दान में देता हूँ । क्योंकि वो पैसा मैने अपनी सुविधाओं को कम करके बचाया है, उस पर मेरे परिवार का अधिकार नहीं है ।
युवा आतिफ़ की ऐसी भावनाओं से हम भी कुछ सीखें ।

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कर्तव्य

एक दिन सागर ने नदी से पूछा – कब तक मिलती रहोगी, मुझ खारे पानी से ?

नदी ने हंसकर कहा – जब तक तुझ में मिठास ना आ जाये तब तक ।

(श्री मनीष ग्वालियर)

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गुरू वचन

गुरू वचन स्वाति-नक्षत्र की बूदें हैं,
यदि हृदयांगम कर लीं, तो मोती बन जायेंगी ।

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CONSISTENCY

A river cuts the rock, not because of it’s power but because it’s Consistency.
Hence we should be consistent and keep walking towards the target.

(Mr. Sanjay)

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गुरू

गुरू कुतुबनुमा है,
हमें दिशा दिखाता है ।

श्री गणेश वर्णी जी

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कर्म क्षय

भगवान की भक्ति से कर्म कटते हैं,
भगवान खुद कर्म नहीं काटते ।

श्री लालमणी भाई

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जीवन

गुलाब से पूंछा – जब तुमको ड़ाली से तोड़ते हैं, तो तकलीफ नहीं होती ?

गुलाब – होती है, पर जब याद आता है कि मैं किसी की मुस्कान का कारण बनुंगा, तब तकलीफ समाप्त हो जाती है ।

(श्री मिहुल)

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ज़बाब

जो दूसरे को ज़बाब नहीं देता.
वह लाज़बाब है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

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रक्षा बंधन

1. सीमा बहन का भाई के लिये पत्र -
“………. इस राखी का अर्थ धर्म रक्षा से है, ऐसे ही आप धर्म से सबकी रक्षा करते रहना ……….”

2. सिद्धांत बेटे की इन्दौर में बहन नहीं थी, सो वह आश्रम गये और ब्र. बहनों से राखी बंधवा के रक्षाबंधन मनाया ।

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